भारत के पूर्व बल्लेबाज़ अजय जडेजा ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी की तारीफ़ की है। ‘वन-डाउन’ (तीसरे नंबर) पर बल्लेबाज़ी करते हुए पडिक्कल ने मिले मौके का पूरा फ़ायदा उठाया और 230 गेंदों पर 167 रनों की शानदार पारी खेली।
मैच के पहले दिन, पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद रहे और भारत के लिए अपने तीसरे टेस्ट मैच में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया।
पडिक्कल अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म में दिखे और उन्होंने 15 चौके और एक छक्का लगाया।
सोनी स्पोर्ट्स पर जडेजा ने कहा, “इसे आप बेहतरीन बल्लेबाज़ी कह सकते हैं। वह पहली ही गेंद से अपनी रणनीति और खेल पर डटे रहे। ऐसा नहीं था कि शतक के बाद उन्होंने अलग तरह से खेला। उन्होंने हर गेंद को उसकी मेरिट के हिसाब से खेला। ज़रूरत पड़ने पर उन्होंने डिफ़ेंस किया और ज़रूरत पड़ने पर अटैक किया। हमने एक बेहतरीन बल्लेबाज़ को खेलते देखा। उन्हें खेलते देखना सुखद था। जब वह शॉट्स खेलते हैं तो लगता है कि बल्लेबाज़ी कितनी आसान है।”
उन्होंने आगे कहा, “उनके साथ खेलने वाले साथी को भी लगता है कि वह कितनी आसानी से खेल रहे हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर वह मुझे बहुत पसंद हैं। जब मैंने उन्हें चार-पाँच साल पहले देखा था, तभी से मैं उनके खेलने का इंतज़ार कर रहा था। देर आए दुरुस्त आए। एक मैच पहले तक उनके बारे में कोई बात नहीं हो रही थी। वह तब टीम में आए जब कोई खिलाड़ी चोटिल हो गया। मुझे लगता है कि जितनी अच्छी क्वालिटी की गेंदबाज़ी होगी, आप इस बल्लेबाज़ की उतनी ही तारीफ़ करेंगे।”
दूसरी ओर, भारत के पूर्व बल्लेबाज़ मोहम्मद कैफ़ ने पडिक्कल के ‘बैक-फ़ुट’ गेम की तारीफ़ की और कहा कि इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने अपने ज़्यादातर रन बैक-फ़ुट पर ही बनाए।
उन्होंने कहा, “वह बैक-फ़ुट पर अच्छा खेलने वाले खिलाड़ी हैं। वह ज़्यादातर बैक-फ़ुट पर ही खेलते हैं। वह फ़्रंट-फ़ुट पर आउट हुए, बैक-फ़ुट पर नहीं। उन्होंने बैक-फ़ुट पर 100 रन बनाए। वह अपने निचले हाथ (बॉटम हैंड) का अच्छा इस्तेमाल करते हैं। बल्ला पकड़ते समय उनकी ग्रिप नीचे होती है।”
कैफ़ का मानना है कि पडिक्कल की तकनीक उन हालात में बहुत काम आएगी जहाँ गेंद में अतिरिक्त उछाल (बाउंस) होगा। कैफ़ ने कहा, “जब दोनों हाथ पास होते हैं, तो बल्ले पर ज़्यादा कंट्रोल रहता है, खासकर कट और पुल शॉट खेलने में। ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड में खेलते समय बैक-फ़ुट पर खेलना बहुत काम आता है। शानदार पारी थी और टेस्ट मैच के लिए यह बिल्कुल सही अप्रोच थी।”
भारत ने दूसरे दिन का खेल 460-9 के स्कोर पर खत्म किया।
